September 20, 2026 12:19 am

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हरियाणा विधानसभा में मुख्यमंत्री का जवाब: “अगली पीढ़ी के भविष्य के लिए 4 गुनी गति से काम कर रही सरकार”

चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विपक्ष द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से जवाब देते हुए सरकार की नीतियों और योजनाओं का जोरदार बचाव किया। उन्होंने कहा कि सरकार केवल वर्तमान की राजनीति नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 से पहले “विकसित हरियाणा” का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 में जन्म लेने वाले बच्चे 2047 में 21 वर्ष के होंगे और उन्हें एक विकसित राज्य में जीवन मिलेगा। “अगली पीढ़ी की चिंता में हम नॉन-स्टॉप 4 गुनी गति से काम कर रहे हैं,” उन्होंने कहा।
विपक्ष पर निशाना, “सिर्फ आलोचना, कोई विजन नहीं”
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि वे बजट को “शब्दों और आंकड़ों का मकड़जाल” बता रहे हैं, जबकि सरकार ने दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखकर योजनाएं बनाई हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष के नेता चौपालों और ग्रामीण वास्तविकताओं से दूर हो चुके हैं।
बेरोजगारी पर सरकार का पक्ष
बेरोजगारी के मुद्दे पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष द्वारा पेश किए गए आंकड़े भ्रामक हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (अक्टूबर-दिसंबर 2025) के अनुसार हरियाणा में बेरोजगारी दर 5% है, जो पंजाब (7%) और हिमाचल प्रदेश (7.2%) से कम है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से अब तक 1,72,774 युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी गई हैं। “बजट में रोजगार और नौकरी शब्द 15 बार आए हैं, लेकिन विपक्ष को यह दिखाई नहीं देता,” उन्होंने कहा।

प्रति व्यक्ति आय पर स्पष्टता
प्रति व्यक्ति आय को लेकर उठे सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे परिवार पहचान पत्र के आंकड़ों से जोड़ना आर्थिक समझ की कमी दर्शाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रति व्यक्ति आय का निर्धारण GDP को कुल जनसंख्या से विभाजित कर किया जाता है।
उन्होंने बताया कि इसी मानक के अनुसार हरियाणा की प्रति व्यक्ति आय लगभग 3.95 लाख रुपये है, जो कोई मनमाना आंकड़ा नहीं है।

लाडो लक्ष्मी योजना पर सरकार का जवाब
विपक्ष द्वारा दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के बजट पर उठाए सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की लाखों महिलाएं पहले से ही विभिन्न पेंशन योजनाओं के तहत 3200 रुपये तक की सहायता ले रही हैं।
उन्होंने बताया कि अब तक 9.56 लाख से अधिक महिलाएं इस योजना के लिए पात्र पाई गई हैं और 5 किस्तों में 834 करोड़ रुपये से अधिक राशि वितरित की जा चुकी है। यदि बजट कम पड़ता है तो सरकार अतिरिक्त प्रावधान करेगी।

अपराध के आंकड़ों पर भी दिया जवाब
कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा प्रदेश में अपराध बढ़ने के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अधूरी जानकारी देकर राज्य की छवि खराब करना उचित नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि NCRB केवल अपराधों की संख्या जारी करता है, किसी राज्य को “सबसे खतरनाक” घोषित नहीं करता। सरकार कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

शिक्षा पर सरकार का फोकस: 8% बजट
मुख्यमंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में स्कूल शिक्षा के लिए 18,717 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो कुल बजट का लगभग 8.37% है।
उन्होंने बताया कि जब उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को भी शामिल किया जाए, तो शिक्षा पर कुल खर्च राज्य के बजट का 10.25% तक पहुंचता है।
“शिक्षा भविष्य निर्माण का सबसे बड़ा साधन है और सरकार इस दिशा में लगातार निवेश बढ़ा रही है,” उन्होंने कहा।

जन स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर जोर
जन स्वास्थ्य सुविधाओं पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर नागरिक को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।
कैथल में पिछले 11 वर्षों में 145 किलोमीटर सीवरेज लाइन और 122 किलोमीटर पेयजल पाइपलाइन बिछाई गई हैं। इसके अलावा, 20.40 करोड़ रुपये की नई योजना के तहत 55 किलोमीटर सीवरेज और 90 किलोमीटर पानी की पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
उन्होंने जलभराव के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाती है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि सरकार का फोकस दीर्घकालिक विकास, रोजगार, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे महत्वपूर्ण मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय रचनात्मक सहयोग दें।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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