April 5, 2026 6:41 pm

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हरियाणा राज्यसभा चुनाव पर नया विवाद, काउंटिंग एजेंटों की नियुक्ति पर उठे सवाल

बाबूगिरी ब्यूरो

चंडीगढ़, 21 मार्च। हरियाणा में हाल ही में संपन्न हुए राज्यसभा चुनाव को लेकर एक और विवाद सामने आया है। इस बार मामला मतगणना के दौरान काउंटिंग एजेंटों की नियुक्ति को लेकर उठाया गया है, जिस पर संवैधानिक विशेषज्ञों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

16 मार्च को हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार संजय भाटिया और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रत्याशी कर्मवीर सिंह बौद्ध निर्वाचित घोषित हुए थे, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल मामूली अंतर से चुनाव हार गए।

चुनाव परिणाम के बाद यह भी सामने आया कि मतदान के दौरान भाजपा के एक और कांग्रेस के चार विधायकों के वोट तकनीकी कारणों से रद्द हो गए। इसके अलावा कांग्रेस के पांच विधायकों द्वारा क्रॉस वोटिंग किए जाने की बात भी सामने आई, जिससे पार्टी के भीतर असंतोष की स्थिति पैदा हो गई। कांग्रेस ने इन पांच विधायकों के नाम सार्वजनिक कर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

इसी बीच पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के एडवोकेट और संवैधानिक मामलों के जानकार हेमंत कुमार ने इस चुनाव प्रक्रिया पर एक नया सवाल उठाया है। उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की है।

हेमंत कुमार के अनुसार, निर्वाचन आयोग ने 9 मई 2014 को जारी अपने निर्देशों में स्पष्ट किया था कि किसी भी चुनाव में राज्य सरकार के मौजूदा मंत्री और वर्तमान विधायक मतगणना के दौरान काउंटिंग एजेंट नहीं बनाए जा सकते। यह निर्देश अब तक लागू है और इसमें कोई संशोधन नहीं किया गया है।

इसके बावजूद आरोप है कि हरियाणा राज्यसभा चुनाव में भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवारों द्वारा अपने काउंटिंग एजेंटों के रूप में एक मौजूदा मंत्री और कई विधायकों की नियुक्ति की गई, जो आयोग के नियमों का उल्लंघन हो सकता है।

हेमंत कुमार ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी, हरियाणा के मुख्य चुनाव अधिकारी ए. श्रीनिवास तथा राज्यसभा चुनाव के रिटर्निंग अधिकारी पंकज अग्रवाल को पत्र भेजा है। उन्होंने सभी से मामले में तत्काल संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन होना बेहद जरूरी है।

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Author: BabuGiri Hindi

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