October 13, 2026 5:13 pm

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दिव्यांगता पेंशन पर संशोधन ‘राष्ट्र के साथ धोखा’ — सांसद मनीष तिवारी

सरकार से फैसला वापस लेने की मांग, लोकसभा में उठाए कई गंभीर सवाल
बाबूगिरी ब्यूरो

नई दिल्ली/चंडीगढ़, 31 मार्च: चंडीगढ़ से सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने केंद्र सरकार द्वारा दिव्यांगता पेंशन पर टैक्स छूट को सीमित करने के फैसले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस संशोधन को “राष्ट्र की भावनाओं के साथ धोखा” बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है।
तिवारी ने कहा कि सरकार का यह निर्णय उन हजारों सैनिकों के साथ सीधा अन्याय है, जिन्होंने देश की रक्षा करते हुए अपनी सेहत और क्षमता गंवाई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला मनमाना, पक्षपातपूर्ण और दुर्भावनापूर्ण है, जिसके खिलाफ पूर्व सैनिक लगातार आवाज उठा रहे हैं।
सांसद तिवारी ने इस मुद्दे को लोकसभा में अनस्टार्ड प्रश्न संख्या 5780 के माध्यम से उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले Finance Act 2026 (पेज 88, पैरा 108) में किए गए संशोधन के पीछे क्या तर्क है, जिसके तहत दिव्यांगता पेंशन पर टैक्स छूट केवल उन पूर्व सैनिकों तक सीमित कर दी गई है, जिन्हें सेवा के दौरान दिव्यांग घोषित कर सेवा से बाहर किया गया।
उन्होंने यह भी जानना चाहा कि क्या इस फैसले से पहले कोई डेटा-आधारित अध्ययन या प्रभाव विश्लेषण किया गया था, जिसमें सेवा के दौरान दिव्यांग हुए और सेवानिवृत्ति के बाद दिव्यांग पाए गए सैनिकों के बीच अंतर स्पष्ट किया गया हो। साथ ही, उन्होंने पूछा कि क्या सरकार ने इस तरह के भेदभाव के संवैधानिक पहलुओं की जांच की है और क्या इस मामले में रक्षा मंत्रालय से परामर्श लिया गया।
तिवारी ने सरकार से यह भी जानकारी मांगी कि इस फैसले से कितने पूर्व सैनिक प्रभावित होंगे और इससे सरकार को कितनी अतिरिक्त राजस्व प्राप्ति की उम्मीद है। उन्होंने प्रभावित सैनिकों के लिए अंतरिम सुरक्षा, पात्रता की स्पष्टता और प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने की योजना पर भी सवाल उठाए।
इन सवालों का जवाब देते हुए केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री Pankaj Chaudhary ने बताया कि 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले Income Tax Act 2025 के प्रभाव में आने के साथ ही पुराना आयकर कानून 1961 समाप्त हो जाएगा। इसके साथ ही उससे जुड़े कई पुराने प्रावधान भी खत्म हो जाएंगे।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि नए कानून में विशेष प्रावधान नहीं जोड़ा जाता, तो दिव्यांगता पेंशन पर मिल रही टैक्स छूट समाप्त हो सकती थी। इसलिए Finance Act 2026 में यह प्रावधान शामिल किया गया, ताकि पहले से मिल रही छूट और उसकी शर्तें जारी रह सकें।
उन्होंने यह भी बताया कि यह मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है, जिसके चलते इसके क्रियान्वयन में कुछ व्यावहारिक समस्याएं सामने आई हैं। ऐसे में संशोधित प्रावधानों को उन तारीखों से लागू किया जाएगा, जिन्हें केंद्र सरकार अधिसूचित करेगी।
मंत्री के अनुसार, अधिसूचना जारी होने तक सशस्त्र बलों के अयोग्य अधिकारियों को मिलने वाली दिव्यांगता पेंशन—जिसमें दिव्यांगता और सेवा दोनों हिस्से शामिल हैं—पूरी तरह आयकर से मुक्त रहेगी।
इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बहस तेज होने के आसार हैं, क्योंकि यह सीधे तौर पर देश के पूर्व सैनिकों और उनकी सामाजिक सुरक्षा से जुड़ा मामला है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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