June 10, 2026 10:44 am

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हरियाणा में बैंकिंग घोटाले पर बड़ा एक्शन, CBI जांच की सिफारिश — करोड़ों की गड़बड़ी से हड़कंप

निजी बैंकों पर सैकड़ों करोड़ के फर्जीवाड़े के आरोप, सख्ती के बाद करोड़ों की रिकवरी; सरकार बोली—अब कोई पैसा बकाया नहीं

बाबूगिरी ब्यूरो

चंडीगढ़, 31 मार्च: हरियाणा में सरकारी विभागों के फंड में कथित बड़े वित्तीय फर्जीवाड़े को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश सरकार ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी Central Bureau of Investigation (CBI) को सौंपने की सिफारिश कर दी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि मामला छोटे स्तर का नहीं, बल्कि करोड़ों रुपये के बड़े घोटाले से जुड़ा हुआ है, जिससे सरकारी वित्तीय प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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निजी बैंकों पर करोड़ों की गड़बड़ी के आरोप
इस पूरे प्रकरण में कई निजी बैंक जांच के घेरे में आ गए हैं। जानकारी के मुताबिक IDFC First Bank और AU Small Finance Bank पर मिलकर करीब 590 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े के आरोप लगे हैं। वहीं Kotak Mahindra Bank पर पंचकूला नगर निगम के लगभग 160 करोड़ रुपये में अनियमितताओं का मामला सामने आया है।
इन खुलासों ने न सिर्फ बैंकिंग व्यवस्था बल्कि सरकारी फंड मैनेजमेंट की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, लेनदेन और फंड ट्रांसफर में प्रक्रियात्मक खामियों का फायदा उठाकर यह गड़बड़ी की गई।

सख्ती के बाद तेज हुई रिकवरी
मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini के सख्त रुख के बाद मामले में तेजी से कार्रवाई की गई। प्रशासनिक दबाव और निगरानी के चलते अब तक बड़ी रकम की रिकवरी हो चुकी है।
पंचकूला नगर निगम का Kotak Mahindra Bank से 127.27 करोड़ रुपये का मूल धन वापस आ चुका है।
Haryana Power Generation Corporation Limited (HPGCL) के 25 करोड़ रुपये AU Small Finance Bank से रिकवर किए गए हैं।
वहीं IDFC First Bank से पूरी राशि पहले ही वापस ली जा चुकी थी।
सरकारी सूत्रों का दावा है कि यह रिकवरी लगातार निगरानी, सख्त निर्देशों और समयबद्ध कार्रवाई के चलते संभव हो पाई है।

सरकार का दावा—अब कोई पैसा बकाया नहीं
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी भी बैंक में हरियाणा सरकार का कोई भी फंड बकाया नहीं है। सभी संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं कि भविष्य में वित्तीय लेनदेन में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और हर प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए।

जनता के पैसे की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini ने मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जनता के पैसे की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि Narendra Modi के मार्गदर्शन में राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि CBI जांच के बाद इस पूरे फर्जीवाड़े की परतें खुलेंगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

CBI जांच से बढ़ी उम्मीदें
अब इस मामले में CBI की एंट्री के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि फर्जीवाड़े के पीछे की पूरी साजिश, जिम्मेदार अधिकारी और बैंकिंग स्तर की लापरवाही सामने आएगी। साथ ही यह भी तय होगा कि यह सिर्फ प्रशासनिक चूक थी या सुनियोजित वित्तीय घोटाला।
इस हाई-प्रोफाइल मामले ने हरियाणा में वित्तीय अनुशासन और निगरानी तंत्र को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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