शिक्षा और गवर्नेंस में हरियाणा को राष्ट्रीय मॉडल राज्य बनाने की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री ने ‘नीव’ पोर्टल किया लॉन्च, ‘ज्ञान सेतु’ के तहत विश्वविद्यालयों से एमओयू
बजट में पहली बार शोध के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान
चंडीगढ़/पंचकूला, 8 जनवरी। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों के दौरान देश ने एक स्पष्ट और सकारात्मक परिवर्तन देखा है। जनकल्याणकारी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन से जनता को यह अनुभूति हुई है कि यह सरकार वास्तव में उनकी अपनी सरकार है—और यही सुशासन का सच्चा स्वरूप है।
मुख्यमंत्री वीरवार को पंचकूला में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत सतत मूल्यांकन के लिए नेशनल एजुकेशन इवैल्यूएशन एंड वेलिडेशन (नीव) पोर्टल का शुभारंभ किया। साथ ही ‘ज्ञान सेतु’ पहल के अंतर्गत स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट और विभिन्न विश्वविद्यालयों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
डिग्री के साथ कौशल और आत्मनिर्भरता पर आधारित है राष्ट्रीय शिक्षा नीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन हरियाणा के शैक्षणिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति केवल डिग्रियों तक सीमित न रहकर कौशल आधारित शिक्षा पर जोर देती है, जिससे युवा आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि हरियाणा को देश का ग्रोथ इंजन बनाने की दिशा में आज हुए एमओयू भविष्य में युवाओं और विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होंगे।
बजट में पहली बार रिसर्च के लिए 20 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के बजट में पहली बार शोध (रिसर्च) के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों को जमीनी समस्याओं पर शोध के लिए प्रोत्साहित करना है, जैसे जलभराव, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास।

मोदी सरकार की योजनाओं से बदली देश-प्रदेश की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले जिन विषयों पर गंभीरता नहीं थी, उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्राथमिकता दी। आयुष्मान भारत–चिरायु योजना, हर घर नल से जल, उज्ज्वला योजना और ‘म्हारा गांव–जगमग गांव’ जैसी पहलों ने आमजन के जीवन स्तर में बड़ा सुधार किया है। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और तीसरे स्थान की ओर तेजी से अग्रसर है।
एआई प्री-बजट फीडबैक पोर्टल से बनेगा जनभागीदारी वाला बजट
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में एआई प्री-बजट फीडबैक पोर्टल लॉन्च किया गया है, जिस पर नागरिक और विद्यार्थी अपने सुझाव दे सकते हैं। यह बजट सरकार का नहीं, बल्कि जनता का बजट होगा।

किसानों को फसल विविधीकरण और हॉर्टिकल्चर की ओर प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों को फसल विविधीकरण, प्राकृतिक खेती और हॉर्टिकल्चर की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है। गन्नौर में बन रही अत्याधुनिक हॉर्टिकल्चर मंडी किसानों को बेहतर बाजार और बेहतर मूल्य दिलाने में सहायक होगी।
विश्वविद्यालयों को कौशल आधारित प्रशिक्षण पर जोर
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कुलपतियों से आग्रह किया कि वे उद्योगों की मांग के अनुसार युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण दें और इसके लिए एक समर्पित उद्योग-विशेष पोर्टल विकसित किया जाए।
रिसर्च और इनोवेशन से हरियाणा बने अग्रणी: मुख्य सचिव
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने कहा कि हरियाणा विजन डॉक्यूमेंट–2047 के अनुरूप विश्वविद्यालयों को रिसर्च और इनोवेशन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। इसके लिए 20 करोड़ रुपये का हरियाणा स्टेट रिसर्च फंड स्थापित किया गया है।
शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनित गर्ग ने एआई, सेमीकंडक्टर जैसे नए कोर्स शुरू करने और संसाधनों के आपसी साझा उपयोग पर बल दिया।
मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू ने बताया कि ‘नीव’ पोर्टल राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिस पर सभी शिक्षण संस्थान चरणबद्ध तरीके से डेटा अपलोड करेंगे।











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