बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़, 25 जून: हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी को एक और सेवा विस्तार (एक्सटेंशन) मिलने की संभावनाओं के बीच हरियाणा सेवा का अधिकार (Right To Service – RTS) आयोग के मुख्य आयुक्त (चीफ कमिश्नर) पद की चल रही चयन प्रक्रिया पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट और प्रशासनिक मामलों के जानकार हेमंत कुमार ने यह संभावना व्यक्त की है।
हेमंत कुमार के अनुसार, वर्ष 1990 बैच के आईएएस अधिकारी अनुराग रस्तोगी की मूल सेवानिवृत्ति 30 जून 2025 को होनी थी, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा उन्हें एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया गया था, जो 30 जून 2026 को समाप्त हो रहा है। अब उन्हें दोबारा 3 महीने, 6 महीने या एक वर्ष का एक्सटेंशन दिए जाने की प्रक्रिया शुरू होने की चर्चा है।
उन्होंने बताया कि अगर रस्तोगी को दोबारा सेवा विस्तार मिलता है तो हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग के चीफ कमिश्नर पद को नियमित रूप से भरने के लिए शुरू की गई चयन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। यह पद मई के अंतिम सप्ताह में तत्कालीन चीफ कमिश्नर टी.सी. गुप्ता का पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद खाली हुआ था। जून के शुरुआती दिनों में इस पद का अतिरिक्त कार्यभार मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी को सौंपा गया था।
हेमंत कुमार ने बताया कि हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम, 2014 के तहत आयोग के चीफ कमिश्नर पद के लिए मुख्य सचिव रैंक और स्टेटस वाला व्यक्ति ही पात्र होता है। हालांकि अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) रैंक के अधिकारी भी इस पद के लिए योग्य माने जाते हैं, क्योंकि उनका रैंक मुख्य सचिव के समकक्ष होता है। उन्होंने कहा कि पूर्व चीफ कमिश्नर टी.सी. गुप्ता भी रिटायर्ड एसीएस रैंक के आईएएस अधिकारी थे।
उन्होंने बताया कि 16 जून 2026 को हरियाणा सरकार ने आरटीएस आयोग के चीफ कमिश्नर पद और आयोग में एक कमिश्नर पद के लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। कमिश्नर पद प्रशासनिक सचिव रैंक से रिटायर्ड आईएएस अधिकारी वर्ग से भरा जाना है। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 1 जुलाई 2026 तय की गई है।
हेमंत कुमार का कहना है कि अनुराग रस्तोगी इस पद के लिए मजबूत दावेदार हैं। यदि उन्हें 30 जून के बाद भी कोई नया सेवा विस्तार मिल जाता है तो चयन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। ऐसी स्थिति में सरकार एक कमिश्नर की नियुक्ति कर उसे चीफ कमिश्नर का कार्यवाहक प्रभार दे सकती है।
वहीं, यदि रस्तोगी को 30 जून के बाद कोई नया एक्सटेंशन नहीं मिलता है तो उनके आरटीएस आयोग के चीफ कमिश्नर बनने की संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं, क्योंकि वह इस पद की सभी निर्धारित योग्यताओं को पूरा करते हैं।
हालांकि, हेमंत कुमार ने यह भी बताया कि अनुराग रस्तोगी इसी माह 61 वर्ष के हो चुके हैं। ऐसे में यदि वह आरटीएस आयोग के चीफ कमिश्नर नियुक्त होते हैं तो उनका कार्यकाल पांच वर्ष के बजाय लगभग चार वर्ष का ही रहेगा।












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