कनाडा: कनाडा सरकार ने इमिग्रेशन नियमों में अहम बदलाव करते हुए बुजुर्गों के लिए परमानेंट रेसिडेंस (PR) वीज़ा पर अस्थायी रोक लगा दी है। इस फैसले से खासकर पंजाबी समुदाय को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग माता-पिता और दादा-दादी को स्थायी रूप से कनाडा बुलाने की योजना बनाते रहे हैं।
बुजुर्गों के PR पर रोक, सुपर वीज़ा का विकल्प बरकरार
कनाडा के इमिग्रेशन विभाग ने स्पष्ट किया है कि रोक केवल बुजुर्गों के PR वीज़ा पर लगाई गई है। बुजुर्ग अब भी सुपर वीज़ा के जरिए कनाडा जा सकेंगे, जिसके तहत वे लगातार 5 साल तक कनाडा में रह सकते हैं। पर्यटन या अल्पकालिक प्रवास के लिए अन्य वीज़ा विकल्प भी खुले रहेंगे।
सिर्फ 2024 में दाखिल आवेदन होंगे प्रोसेस
सरकार के अनुसार, साल 2024 में जमा किए गए PR आवेदनों को ही आगे प्रोसेस किया जाएगा। 2024 में माता-पिता और दादा-दादी कार्यक्रम (PGP) के तहत करीब 27,330 नए PR वीज़ा जारी किए गए थे।
केयरगिवर प्रोग्राम भी किया गया बंद
इमिग्रेशन नियमों में बदलाव के तहत कनाडा सरकार ने केयरगिवर प्रोग्राम को भी बंद कर दिया है, जिससे बुजुर्गों के स्थायी बसने के विकल्प और सीमित हो गए हैं।
हर साल हजारों पंजाबी बुजुर्ग होते थे शामिल
आमतौर पर कनाडा में हर साल 25 से 30 हजार बुजुर्गों को PR मिलती थी, जिनमें से करीब 6 हजार पंजाबी बुजुर्ग शामिल होते थे। इमिग्रेशन विभाग के मुताबिक, इस समय कनाडा में 65 वर्ष से अधिक उम्र के करीब 81 लाख लोग रह रहे हैं।
2026-28 तक लागू रहेगी रोक
कनाडा सरकार का कहना है कि बुजुर्गों के PR पर यह रोक 2026 से 2028 तक लागू रहेगी। इसके बाद स्थिति की समीक्षा कर आगे का फैसला लिया जाएगा।
इस फैसले को कनाडा में बढ़ती बुजुर्ग आबादी और सामाजिक सेवाओं पर बढ़ते दबाव से जोड़कर देखा जा रहा है।











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