August 29, 2026 6:19 am

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पीएम मोदी ने पोंगल समारोह में लिया हिस्सा, तमिल संस्कृति को बताया पूरे देश की साझा विरासत

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन के सरकारी आवास पर आयोजित पोंगल समारोह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों को पोंगल की शुभकामनाएं दीं और गौसेवा भी की। प्रधानमंत्री ने तमिल संस्कृति की समृद्ध विरासत पर जोर देते हुए कहा कि यह केवल तमिलनाडु तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे भारत की साझा सांस्कृतिक धरोहर है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पोंगल जैसे त्योहार ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि इन पर्वों के जरिए देश की विविधता में एकता साफ नजर आती है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया के जरिए देशवासियों को मकर संक्रांति, भोगली बिहू और पोंगल की शुभकामनाएं भी दी थीं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पोंगल अब एक वैश्विक त्योहार बन चुका है और दुनिया भर में तमिल समुदाय और तमिल संस्कृति को पसंद करने वाले लोग इसे पूरे उत्साह के साथ मनाते हैं। उन्होंने कहा, “यह त्योहार किसानों की कड़ी मेहनत का सम्मान करता है और हमें प्रकृति, धरती और सूर्य के प्रति कृतज्ञता का भाव सिखाता है। आप सभी के साथ यह पर्व मनाना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।”
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि पोंगल हमें प्रकृति, परिवार और समाज के बीच संतुलन बनाए रखने का संदेश देता है। उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में लोहड़ी, मकर संक्रांति, माघ बिहू जैसे त्योहारों को लेकर बने उत्साह का जिक्र करते हुए सभी देशवासियों और विदेशों में रह रहे तमिल भाइयों-बहनों को हार्दिक बधाई दी।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि फसल से जुड़े ये त्योहार आशा, सकारात्मकता और कृतज्ञता के प्रतीक हैं। मकर संक्रांति देश के अलग-अलग हिस्सों में भिन्न नामों और परंपराओं के साथ मनाई जाती है, लेकिन इसकी मूल भावना पूरे देश में एक जैसी है।
गौरतलब है कि पोंगल तमिल समुदाय का प्रमुख पर्व है, जिसे प्रकृति, सूर्य, पशुओं और किसानों के प्रति आभार व्यक्त करने के रूप में मनाया जाता है। यह पारंपरिक रूप से पारिवारिक उत्सव है, जो समृद्धि, सहयोग और कृतज्ञता का प्रतीक माना जाता है। तमिलनाडु सरकार ने इस अवसर पर पहले ही सभी पात्र लाभार्थियों को पोंगल गिफ्ट पैकेज देने की घोषणा की थी, जिसमें कच्चा चावल, चीनी और गन्ना शामिल है।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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