40–50 गायें और 15–20 बछड़ों की मौत का दावा, वेटरनरी डॉक्टर सस्पेंड, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
चंडीगढ़: शहर के मक्खन माजरा इलाके में स्थित गौशाला में बुधवार को बड़ी संख्या में गायों और बछड़ों की मौत से हड़कंप मच गया है। गौवंश की मौत की खबर सामने आते ही स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते उचित देखभाल और इलाज किया गया होता, तो इतनी बड़ी संख्या में गौवंश की जान नहीं जाती।
घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया है। कार्रवाई करते हुए गौशाला में तैनात संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं, जबकि वेटरनरी डॉक्टर को निलंबित कर दिया गया है। पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
सनातन टास्क फोर्स की टीम ने किया निरीक्षण
मामले की सूचना मिलने पर सनातन टास्क फोर्स की 25 सदस्यीय टीम मंगलवार रात करीब 10:40 बजे गौशाला पहुंची। टीम ने मौके पर हालात का जायजा लिया, जिसे देखकर सदस्य भी स्तब्ध रह गए। संगठन का कहना है कि गौशाला परिसर में कई गायें और बछड़े मृत अवस्था में पड़े थे, जबकि जीवित पशुओं की हालत भी बेहद गंभीर थी।
40–50 गायें और 15–20 बछड़े मृत मिलने का दावा
सनातन टास्क फोर्स के पंचकूला नगर अध्यक्ष चंदन यादव ने दावा किया कि निरीक्षण के दौरान करीब 40 से 50 गायें और 15 से 20 बछड़े मृत पाए गए। इसके अलावा कई गायें इतनी कमजोर थीं कि वे खड़े होने या चलने में भी असमर्थ नजर आईं। कई पशु बीमार थे, लेकिन उन्हें न तो समय पर इलाज मिला और न ही उचित देखभाल।
गौशाला में फैली गंदगी, खुले में पड़े थे शव
संगठन ने गौशाला में बदहाल व्यवस्था का आरोप लगाते हुए कहा कि परिसर में चारों ओर गंदगी फैली हुई थी। मृत पशुओं के शव खुले में पड़े थे और साफ-सफाई की कोई ठोस व्यवस्था नहीं थी। यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोग बेहद आहत और आक्रोशित हो गए। संगठन का कहना है कि गौशाला के नाम पर लोगों की धार्मिक आस्था से खिलवाड़ किया जा रहा है और गौवंश के साथ अमानवीय व्यवहार हुआ है।
गौशाला इंचार्ज का दावा – शहर से लाई गई थीं मृत गायें
वहीं, गौशाला के इंचार्ज ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया कि शहर में मरने वाली गायों को यहां लाया जाता है। उन्होंने बताया कि पिछले 2-3 दिनों से अंतिम संस्कार नहीं हो सका, क्योंकि शव निस्तारण की मशीन खराब थी। इसी कारण परिसर में शव दिखाई दे रहे हैं। इंचार्ज का कहना है कि लोगों को गुमराह किया जा रहा है, जिसके चलते विरोध-प्रदर्शन हो रहा है।
मजिस्ट्रियल जांच के आदेश, पोस्टमार्टम जारी
गौवंश की मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम चंडीगढ़ (एमसीसी) के आयुक्त एवं उपायुक्त ने मौके का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। मृत गौवंश के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
इसके साथ ही मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए गए हैं, जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त (एडीएम) करेंगे। जांच में निदेशक पशुपालन विभाग, एसडीएम (पूर्व) और संबंधित एसडीपीओ सहयोग करेंगे। एडीएम को जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल गायों और बछड़ों का अंतिम संस्कार नहीं किया गया है।
कई अधिकारी निलंबित, संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त
नगर निगम चंडीगढ़ ने चिकित्सा अधिकारी स्वास्थ्य (एमओएच) डॉ. इंदरदीप कौर और प्रवीण कुमार, निरीक्षक कैटल पाउंड, रायपुर कलां को निलंबित कर दिया है।
इसके अलावा गौशाला में तैनात संविदा कर्मियों — पशु चिकित्सक डॉ. रविंदर सिंह ढिल्लों, स्वच्छता निरीक्षक रामलाल सिंह, पर्यवेक्षक लवली सहित अन्य मल्टी टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। मामले में एफआईआर भी दर्ज कर ली गई है। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गौशालाओं में लगेंगे सीसीटीवी, होगी नियमित मॉनिटरिंग
नगर निगम प्राधिकरणों ने निर्णय लिया है कि संयुक्त आयुक्त नगर निगम प्रत्येक पखवाड़े गौशाला संचालकों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। पशुपालन विभाग की चिकित्सकीय टीम द्वारा गौशालाओं का नियमित निरीक्षण कर पशुओं की स्वास्थ्य जांच की जाएगी।
गौशालाओं में 24 घंटे निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।












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