April 5, 2026 10:00 pm

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Chandigarh: मक्खन माजरा गौशाला कांड: 60 से ज्यादा गायों की मौत, सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद बढ़ी हलचल, 6 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त, चीफ सेक्रेटरी खुद पहुंचे मौके पर

चंडीगढ़: चंडीगढ़ के मक्खन माजरा स्थित नगर निगम की गौशाला में 60 से अधिक गायों और बछड़ों की मौत का मामला दिन-ब-दिन गंभीर होता जा रहा है। लोगों के तीखे विरोध और गंभीर आरोपों के बीच प्रशासन ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए थे, जिसके बाद 6 अधिकारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। अब मृत मवेशियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद मामला केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे प्रशासनिक और प्रबंधन तंत्र पर सवाल खड़े हो गए हैं।

गौशाला में भयावह हालात, सिस्टम पर गंभीर आरोप
गौशाला परिसर में बड़ी संख्या में गायों और बछड़ों के शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था। मृत पशुओं की हालत बेहद दर्दनाक बताई जा रही है—किसी की आंखें गायब थीं तो किसी के अंग क्षत-विक्षत मिले। आरोप हैं कि कई दिनों तक मृत मवेशियों का अंतिम संस्कार तक नहीं किया गया, जबकि जीवित पशु भी बदहाल स्थिति में पाए गए। इस पूरे घटनाक्रम ने गौशाला प्रबंधन और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जांच में क्या-क्या आया सामने
एरिया मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पशुपालन विभाग, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने गौशाला का निरीक्षण किया। इस दौरान शेड, फील्ड स्टोर, दवाइयों की स्थिति, निरीक्षण रजिस्टर और अन्य रिकॉर्ड की गहन जांच की गई। प्रशासन ने साफ किया कि जांच केवल मौतों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह भी तय किया जाएगा कि लापरवाही किस स्तर पर हुई और इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

मामले की गंभीरता, चीफ सेक्रेटरी पहुंचे गौशाला
मामले की गंभीरता को देखते हुए चीफ सेक्रेटरी राजेश प्रसाद खुद मक्खन माजरा गौशाला पहुंचे। उन्होंने मवेशियों के अंतिम संस्कार में इस्तेमाल होने वाले इंसीनरेटर प्लांट और एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान पशुओं की देखभाल, रखरखाव और कल्याण से जुड़ी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। हालांकि, दौरे से पहले गौशाला परिसर में कराई गई सफाई और मिट्टी डाले जाने को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल भी उठाए।
चीफ सेक्रेटरी के सख्त निर्देश

चीफ सेक्रेटरी ने हरे और सूखे चारे की पर्याप्त उपलब्धता, स्वच्छ पेयजल और मजबूत निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि फिलहाल गौशाला में करीब एक हजार से अधिक गायें मौजूद हैं, जिनकी मूलभूत सुविधाएं हर हाल में सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इंसीनरेटर प्लांट कुछ समय से खराब था, जिसे जल्द ठीक कराने के निर्देश दिए गए हैं।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अब भी सस्पेंस
मृत मवेशियों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मौत दूषित चारे, बीमारी, कुपोषण, ठंड, शेल्टर की कमी या इलाज में लापरवाही से हुई। विसरा सैंपल प्रयोगशाला भेजे गए हैं और उनकी रिपोर्ट आने के बाद ही प्रशासन आगे की ठोस कार्रवाई करेगा।

नगर निगम के अधीन चलती है गौशाला
शिकायत के अनुसार, गौशाला में 50 से 60 गायें बीमार अवस्था में पाई गईं, लेकिन उनके इलाज की कोई ठोस व्यवस्था नहीं थी। न तो पशु चिकित्सक नियमित रूप से मौजूद थे और न ही दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता थी। यह गौशाला नगर निगम के अंतर्गत संचालित होती है और इसकी देखरेख गौशाला प्रबंधन समिति के जिम्मे है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने पहले भी व्यवस्थाओं पर आपत्ति जताई थी, लेकिन हालात नहीं सुधरे।

मामले में एफआईआर दर्ज
मौली जागरा थाना पुलिस ने सेक्टर-32 निवासी गवेश राणा की शिकायत पर गौशाला प्रबंधन समिति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 325 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि गौशाला केवल एक संस्थान नहीं, बल्कि आस्था और जिम्मेदारी का प्रतीक होती है। बेजुबान जानवरों के साथ इस तरह की लापरवाही न केवल प्रशासनिक विफलता है, बल्कि इंसानियत पर भी गहरा सवाल है। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

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