चंडीगढ़, 16 जनवरी: पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मनरेगा, महिला कल्याण और राज्य में उद्योग-व्यापार की स्थिति को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के साथ सैकड़ों करोड़ की लूट हो रही है और आम जनता पर सरकारी नीतियों का नकारात्मक असर पड़ा है।
हुड्डा ने बताया कि पीएम फसल बीमा योजना में कंपनियों ने पिछले 7 वर्षों में किसानों से 648 करोड़ रुपए कमाए हैं, लेकिन 3 साल से किसानों का 161 करोड़ रुपए का मुआवजा लंबित है। उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन में आई बाढ़ और रबी की फसलों के नुकसान का क्लेम भी किसानों को नहीं मिला। फसल बीमा योजना अब केवल 12% फसलों तक सीमित हो गई है और यह किसानों का भरोसा खो चुकी है।
पत्रकारों के सवालों पर उन्होंने पंजाब केसरी प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी एजेंसियों के माध्यम से मीडिया संस्थानों को डराना और दबाना लोकतंत्र और स्वतंत्र पत्रकारिता पर गंभीर हमला है।
हुड्डा ने राज्य में बढ़ते संगठित अपराधों की ओर भी ध्यान दिलाया। उनके अनुसार, हरियाणा में 60 से अधिक गैंग सक्रिय हैं और केंद्र सरकार का सामाजिक प्रगति सूचकांक भी राज्य को देश का सबसे असुरक्षित बताता है।
मनरेगा पर उन्होंने आरोप लगाया कि 8 लाख से अधिक मजदूर पंजीकृत होने के बावजूद 2024-25 में केवल 2100 परिवारों को 100 दिन का काम दिया गया। इसके अलावा, लाडो लक्ष्मी योजना के तहत महिलाओं को चुनावी वादे के अनुसार 2100 रुपये मासिक देने के बजाय अब केवल कुछ ही महिलाओं को 1100 रुपये मिल रहे हैं।
हुड्डा ने प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि 2018-19 से अब तक 1446 फैक्ट्रियां बंद या पलायन कर गई हैं। औद्योगिक क्षेत्र में 12.2% की गिरावट हुई है, जबकि कुल कर्ज बढ़कर 5 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने राज्य में नई परियोजनाओं के बजाय कांग्रेस सरकार की मंजूरशुदा परियोजनाएं अन्य राज्यों में जाने दीं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने निष्कर्ष में कहा कि वर्तमान सरकार की नीतियों के कारण किसानों, मजदूरों, महिलाओं और उद्योगों के हितों को लगातार नुकसान पहुंच रहा है और राज्य की फिस्कल स्थिति गंभीर हो चुकी है।











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