चंडीगढ़, 20 जनवरी: चंडीगढ़ नगर निगम की अपनी मंडी एवं दिहाड़ी बाजार समिति की बैठक मंगलवार को समिति के अध्यक्ष पार्षद लखबीर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में समिति सदस्य पार्षद मनोज सोनकर, हरजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, नरेश पंचाल तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान शहर में संचालित अपनी मंडियों और दिहाड़ी बाजारों के सुचारू संचालन से जुड़े तीन महत्वपूर्ण एजेंडों पर चर्चा कर उन्हें सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई।
विक्रेता पहचान एवं अपशिष्ट प्रबंधन
समिति ने अपनी मंडियों और दिहाड़ी बाजारों में अपशिष्ट प्रबंधन, बुनियादी ढांचे और रखरखाव को सुदृढ़ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। साथ ही, उचित पहचान और प्रभावी नियमन सुनिश्चित करने के लिए सभी विक्रेताओं को स्थायी यूनिक आईडी प्रदान करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
सेक्टर 52 अपनी मंडी स्थल का स्थानांतरण
यातायात दबाव और भीड़भाड़ की समस्या के समाधान के उद्देश्य से समिति ने सेक्टर 52 स्थित अपनी मंडी/दिहाड़ी बाजार को वी-4 रोड, सेक्टर 52 में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी। निरीक्षण के बाद इस स्थल को बाजार संचालन के लिए उपयुक्त पाया गया है।
सेक्टर 49 अपनी मंडी के लिए वैकल्पिक स्थल
रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अनुरोध तथा संबंधित इंजीनियरों की रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए समिति ने निर्णय लिया कि आवश्यकता पड़ने पर सेक्टर 49 की निर्धारित मंडी साइट को अस्थायी रूप से एडवोकेट सोसाइटी के सामने स्थित खाली पार्किंग स्थल पर स्थानांतरित किया जा सकता है, जो पास में ही स्थित और सुविधाजनक है।
समिति ने स्पष्ट किया कि इन निर्णयों का उद्देश्य नागरिक प्रबंधन में सुधार, स्वच्छता बनाए रखना, यातायात को सुगम बनाना और निवासियों व विक्रेताओं—दोनों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करना है।
चंडीगढ़ नगर निगम ने संगठित बाजार नियमन, प्रभावी अपशिष्ट प्रबंधन और नागरिक-केंद्रित प्रशासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि ये कदम शहर में अपनी मंडियों और दिहाड़ी बाजारों के संचालन को और अधिक सुव्यवस्थित बनाएंगे।











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