आज सोमवार, 26 जनवरी 2026 को माघ महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है। इस तिथि पर माता दुर्गा का शासन माना जाता है और आज मासिक दुर्गाष्टमी का विशेष संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पितृ पूजा की जा सकती है, हालांकि अधिकांश नए और मांगलिक कार्यों के लिए यह तिथि अशुभ मानी जाती है।
26 जनवरी 2026 का पंचांग
विक्रम संवत: 2082
मास: माघ
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: अष्टमी
दिन: सोमवार
योग: साध्य
नक्षत्र: अश्विनी
करण: विष्टि
चंद्र राशि: मेष
सूर्य राशि: मकर
सूर्योदय: सुबह 07:13 बजे
सूर्यास्त: शाम 05:54 बजे
चंद्रोदय: सुबह 11:31 बजे
चंद्रास्त: देर रात 01:30 बजे (27 जनवरी)
राहुकाल: 08:33 से 09:53 बजे
यमगंड: 11:13 से 12:34 बजे
अश्विनी नक्षत्र: व्यापार और नई शुरुआत के लिए अनुकूल
आज के दिन चंद्रमा मेष राशि में और अश्विनी नक्षत्र में स्थित रहेगा। अश्विनी नक्षत्र नक्षत्र मंडल का पहला नक्षत्र है, जिसका विस्तार मेष राशि में 0 से 13.2 डिग्री तक माना जाता है। इसके देवता अश्विनी कुमार हैं, जिन्हें देवताओं का चिकित्सक कहा जाता है, जबकि इसके स्वामी ग्रह केतु हैं।
धार्मिक ज्योतिष के अनुसार अश्विनी नक्षत्र में:
यात्रा की शुरुआत
चिकित्सा एवं हीलिंग कार्य
अध्ययन की शुरुआत
वाहन खरीद-फरोख्त
गहनों का निर्माण व व्यापार
खेल, सजावट, ललित कला
शिक्षा, शिक्षण, दवाइयों का सेवन
ऋण देना-लेना
धार्मिक गतिविधियां
जैसे कार्य शुभ माने जाते हैं।
आज के दिन का वर्जित समय
आज राहुकाल सुबह 08:33 से 09:53 बजे तक रहेगा। इस दौरान किसी भी शुभ या मांगलिक कार्य से परहेज करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा यमगंड, गुलिक काल, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् में भी शुभ कार्य नहीं करने चाहिए।
कुल मिलाकर, आज का दिन धार्मिक साधना और पूजा-पाठ के लिए उपयुक्त है, जबकि नए बड़े कार्यों में समय और मुहूर्त का विशेष ध्यान रखना आवश्यक रहेगा।











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