September 20, 2026 12:57 am

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HARYANA: संभावित कानून-व्यवस्था चुनौतियों को लेकर एक्शन मोड में हरियाणा पुलिस, DGP के निर्देश पर प्रदेशभर में हाई अलर्ट

चंडीगढ़, 4 फरवरी। प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को हर हाल में नियंत्रित और मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से हरियाणा पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। संभावित कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौतियों को देखते हुए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हरियाणा अजय सिंघल के निर्देश पर प्रदेशभर में सुरक्षा तैयारियों की व्यापक और बहु-स्तरीय समीक्षा शुरू कर दी गई है।

कानून-व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्क है हरियाणा पुलिस: डीजीपी
डीजीपी अजय सिंघल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हरियाणा पुलिस राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क, तैयार और प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की जा रही है और सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि गश्त, निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

डीजीपी ने दो टूक कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और शांति व्यवस्था भंग करने वाले किसी भी तत्व से सख्ती से निपटा जाएगा। पुलिस बल को पेशेवर, संयमित और जनहित में कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रदेश में शांति, सौहार्द और कानून का राज हर स्थिति में कायम रहे।

वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई फील्ड रिव्यू की जिम्मेदारी
पुलिस मुख्यालय द्वारा सभी जिलों, रेंजों और पुलिस आयुक्तालयों को हाई अलर्ट पर रहने और अपनी कानून-व्यवस्था तैयारियों का आत्म-मूल्यांकन करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए 6 वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को विभिन्न जिलों, रेंजों और पुलिस आयुक्तालयों में फील्ड स्तर पर कानून-व्यवस्था की समीक्षा का जिम्मा सौंपा गया है।
सभी इकाइयों को तय समय-सीमा में अपनी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके बाद राज्य स्तर पर तैयारियों की गहन समीक्षा की जाएगी।

कागज़ी योजनाओं से आगे बढ़कर जमीनी क्रियान्वयन पर जोर
डीजीपी ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि गश्त व्यवस्था, नाकाबंदी और सीलिंग प्लान केवल फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि उनकी वास्तविक प्रभावशीलता को फील्ड में परखा जाए।
रात्रि गश्त, संवेदनशील इलाकों की निगरानी और नाकाबंदी व्यवस्था के लिए राजपत्रित अधिकारियों को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया है, ताकि जवाबदेही तय हो सके और किसी भी तरह की चूक को तुरंत सुधारा जा सके।

सीसीटीवी नेटवर्क को बनाया जा रहा सुरक्षा व्यवस्था की रीढ़
अपराध नियंत्रण और निगरानी को और अधिक मजबूत बनाने के लिए प्रदेशभर में सीसीटीवी नेटवर्क को सुदृढ़ किया जा रहा है। होटल, रेस्टोरेंट, अस्पताल, नर्सिंग होम, पेट्रोल पंप, आभूषण की दुकानें, बैंक, स्कूल-कॉलेज, आरडब्ल्यूए क्षेत्र, बाजार, पार्किंग स्थल, धार्मिक स्थल, औद्योगिक इकाइयाँ, गोदाम, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन जैसे सभी प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने और उनके नियमित रखरखाव के निर्देश दिए गए हैं।
कैमरों की सूची, डीवीआर की सुरक्षा और नियमित मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी संबंधित थाना प्रभारियों और उप-मंडल अधिकारियों को सौंपी गई है।
गुमशुदा व्यक्तियों की त्वरित तलाश पर विशेष फोकस
हर जिले में गुमशुदा व्यक्तियों के मामलों की दैनिक समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, सूचना मिलते ही विशेष और सुसज्जित टीमों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ त्वरित कार्रवाई हो सके।

पुलिस बल के मनोबल को भी प्राथमिकता
पुलिस बल की कार्यक्षमता और मनोबल बनाए रखने के लिए डीजीपी ने साप्ताहिक अवकाश और नियमित छुट्टियां पूर्व निर्धारित योजना के तहत देने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को जिला, रेंज और पुलिस मुख्यालय स्तर पर सम्मानित करने की व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी जोर दिया गया है।
कुल मिलाकर, हरियाणा पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून-व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रदेश की शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर स्तर पर सख्त और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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