June 17, 2026 1:32 pm

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पंचकूला से राष्ट्रीय पहचान तक: समाज बदलाव की मिसाल बनीं प्रियंका पुनिया

पिछले एक दशक से समाज सेवा का संकल्प

समाज सेवा, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण की सशक्त पहचान: प्रियंका पुनिया

पंचकूला। पिछले एक दशक से समाज के वंचित वर्गों, महिलाओं और युवाओं के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रहीं प्रियंका पुनिया आज सामाजिक बदलाव की एक सशक्त मिसाल बन चुकी हैं। स्टेट अवार्डी, सर्टिफाइड POSH ट्रेनर, मोटिवेशनल स्पीकर और समर्पित समाज सेविका के रूप में उन्होंने शिक्षा, कौशल विकास, महिला सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण जैसे अहम क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
पिछड़े वर्ग और महिलाओं की आवाज़ बनीं प्रियंका
प्रियंका पुनिया पिछले दस वर्षों से समाज के पिछड़े वर्गों और महिलाओं के अधिकारों को लेकर लगातार आवाज़ उठा रही हैं। उनका मानना है कि जब तक शिक्षा, आत्मविश्वास और सुरक्षित माहौल नहीं मिलेगा, तब तक सशक्तिकरण अधूरा रहेगा। इसी सोच के साथ वे जमीनी स्तर पर कार्य कर रही हैं।

आसमान एनजीओ के माध्यम से झुग्गी-बस्तियों में बदलाव
प्रियंका पुनिया ‘आसमान एनजीओ’ के जरिए 600 से अधिक झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले बच्चों की शिक्षा, पोषण और स्किल डेवलपमेंट पर काम कर रही हैं। इन बच्चों को न केवल पढ़ाई से जोड़ा जा रहा है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यवहारिक कौशल भी सिखाए जा रहे हैं।

सरकारी स्कूलों में स्किल और साइबर सिक्योरिटी पर जागरूकता
उन्होंने विभिन्न सरकारी स्कूलों में कम्युनिकेशन स्किल, साइबर सिक्योरिटी और स्किल डेवलपमेंट जैसे विषयों पर व्याख्यान दिए हैं। इन सत्रों का उद्देश्य बच्चों को आधुनिक चुनौतियों के प्रति जागरूक करना और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना है।

POSH जागरूकता से सुरक्षित कार्यस्थल की पहल
महिलाओं के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक कार्यस्थल सुनिश्चित करने के लिए प्रियंका पुनिया POSH (यौन उत्पीड़न की रोकथाम) से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम चला रही हैं। वे कई सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में प्रशिक्षण देकर कर्मचारियों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों की जानकारी दे चुकी हैं।
इसके साथ ही वे ITBP भानु के बेसिक ट्रेनिंग कैंप, वेस्टर्न कमांड और बीएसएनएल में अंतरिम शिकायत समिति की सह-योजित सदस्य के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रही हैं।

महिला नेतृत्व को राष्ट्रीय मंच
प्रियंका पुनिया वूमेन इंडियन चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (WICCI) में टेक्निकल डेवलपमेंट काउंसिल की नेशनल प्रेसिडेंट हैं। इस भूमिका में वे देशभर की महिलाओं को तकनीकी कौशल, नेतृत्व और उद्यमिता से जोड़ने का कार्य कर रही हैं।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सतत प्रयास
पर्यावरण संरक्षण उनके सामाजिक कार्यों का अहम हिस्सा है। उन्होंने 100 से अधिक स्कूलों में पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के उद्देश्य से 10 हजार से अधिक कपड़े के थैले निःशुल्क वितरित किए गए।
पिछले 15 वर्षों से वे नियमित रूप से पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं, जिसके तहत अब तक 20 हजार से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं।
रेजिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन में सक्रिय भूमिका
प्रियंका पुनिया रेजिडेंशियल वेलफेयर एसोसिएशन और पार्क डेवलपमेंट कमेटी की प्रेसिडेंट के रूप में भी लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय हैं। स्थानीय स्तर पर स्वच्छता, हरियाली और सामुदायिक विकास के लिए वे लगातार प्रयासरत हैं।

एक लाख से अधिक बच्चों और हजारों पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण
देशभर की विभिन्न यूनिवर्सिटीज़, स्कूलों और संस्थानों में प्रियंका पुनिया अब तक एक लाख से अधिक बच्चों को कम्युनिकेशन स्किल और सॉफ्ट स्किल की ट्रेनिंग दे चुकी हैं। इसके साथ ही ITBP और हरियाणा पुलिस अकैडमी में हजारों पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देकर उन्होंने सुरक्षा बलों की कार्यकुशलता और संवेदनशीलता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

प्रेरणा की मिसाल
प्रियंका पुनिया का कार्य यह साबित करता है कि निरंतर प्रयास और सकारात्मक सोच से समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और कौशल विकास के क्षेत्र में उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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