आज 19 फरवरी 2026, गुरुवार को फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। इस तिथि के देवता विष्णुदेव माने जाते हैं। चंद्र दर्शन को शुभ माना गया है। विवाह, वेडिंग रिंग की खरीदारी और देवताओं की स्थापना जैसे कार्यों के लिए यह तिथि अनुकूल मानी जाती है। हालांकि, किसी भी प्रकार के विवाद, तकरार या झगड़े के लिए यह दिन शुभ नहीं है।
आज फुलेरा दूज का पर्व भी मनाया जा रहा है।
19 फरवरी का पंचांग
विक्रम संवत: 2082
मास: फाल्गुन
पक्ष: शुक्ल पक्ष
तिथि: द्वितीया
दिन: गुरुवार
योग: सिद्धि
नक्षत्र: पूर्वभाद्रपदा
करण: कौलव
चंद्र राशि: कुंभ
सूर्य राशि: कुंभ
सूर्योदय: सुबह 06:57 बजे
सूर्यास्त: शाम 06:13 बजे
चंद्रोदय: सुबह 07:54 बजे
चंद्रास्त: रात 08:11 बजे
राहुकाल: दोपहर 13:59 से 15:24 तक
यमगंड: सुबह 06:57 से 08:21 तक
शुभ कार्यों के लिए नक्षत्र अनुकूल नहीं
आज चंद्रमा कुंभ राशि में और पूर्वभाद्रपदा नक्षत्र में स्थित रहेंगे। इस नक्षत्र का विस्तार कुंभ राशि के 20 डिग्री से लेकर मीन राशि के 3:20 डिग्री तक माना जाता है। इसके देवता रुद्र और नक्षत्र स्वामी बृहस्पति हैं।
यह नक्षत्र लड़ाई, संघर्ष, शत्रु-विनाश की योजना, कीटनाशक छिड़काव, आगजनी, कचरा जलाने या विनाश से जुड़े कार्यों के लिए उपयुक्त माना जाता है, लेकिन शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए इसे अनुकूल नहीं माना जाता।
आज का वर्जित समय
आज दोपहर 13:59 से 15:24 बजे तक राहुकाल रहेगा। इस दौरान किसी भी शुभ कार्य से बचना चाहिए। इसके अलावा यमगंड, गुलिक, दुर्मुहूर्त और वर्ज्यम काल में भी शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है।













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