June 10, 2026 12:31 pm

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चंडीगढ़ में गैस कनेक्शन KYC को लेकर बढ़ी चिंता, ऑनलाइन और वरिष्ठ नागरिकों के लिए आसान व्यवस्था की मांग

चंडीगढ़। शहर में रसोई गैस उपभोक्ताओं के बीच इन दिनों गैस कनेक्शन की KYC (Know Your Customer) प्रक्रिया को लेकर असमंजस और असुविधा की स्थिति बनी हुई है। तेल कंपनियों की ओर से उपभोक्ताओं को संदेश भेजकर सूचित किया जा रहा है कि जिन लोगों ने अपने गैस कनेक्शन की KYC अपडेट नहीं करवाई है, वे गैस सप्लाई का बिल और आधार कार्ड लेकर संबंधित गैस एजेंसी के कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर प्रक्रिया पूरी करें।
इस निर्देश को लेकर विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों में चिंता देखी जा रही है। समाजसेवी और ‘सेकंड इनिंग्स’ संस्था के अध्यक्ष आर. के. गर्ग ने प्रशासन और तेल कंपनियों से KYC प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और वरिष्ठ नागरिकों के अनुकूल बनाने की मांग उठाई है।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए कठिन साबित हो रही प्रक्रिया
आर. के. गर्ग ने कहा कि शहर में बड़ी संख्या में गैस कनेक्शन परिवार के वरिष्ठ सदस्य के नाम पर पंजीकृत हैं। ऐसे में 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए गैस एजेंसी के कार्यालय तक जाना व्यावहारिक रूप से कठिन है।
उन्होंने बताया कि कई वरिष्ठ नागरिक शारीरिक रूप से कमजोर हैं या उन्हें चलने-फिरने में दिक्कत है। कुछ मामलों में परिवार के अन्य सदस्य बाहर कार्यरत हैं, जिससे बुजुर्गों को अकेले एजेंसी कार्यालय तक जाना पड़ता है। लंबी कतारें, दस्तावेजों की जांच और बार-बार चक्कर लगाने की स्थिति उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान कर रही है।

डिजिटल सेवाएं उपलब्ध, फिर भी KYC ऑफलाइन क्यों?
देश की प्रमुख तेल विपणन कंपनियाँ —
Indian Oil Corporation (इंडेन गैस)
Bharat Petroleum (भारत गैस)
Hindustan Petroleum (एचपी गैस)
पहले से ही गैस बुकिंग, ऑनलाइन भुगतान, सब्सिडी ट्रैकिंग, शिकायत निवारण और उपभोक्ता प्रोफाइल अपडेट जैसी अनेक सेवाएँ डिजिटल माध्यम से उपलब्ध करवा रही हैं।
ऐसे में KYC जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया को केवल कार्यालय में उपस्थित होकर पूरा करने का निर्देश डिजिटल सुविधाओं के विस्तार की दिशा में उठाए गए कदमों के विपरीत माना जा रहा है।
समाजसेवी आर. के. गर्ग का कहना है कि जब बैंकिंग, बीमा और अन्य सरकारी सेवाएं OTP आधारित आधार सत्यापन से संभव हैं, तो गैस कनेक्शन KYC को भी ऑनलाइन किया जा सकता है।

गैस आपूर्ति बाधित होने का डर
उपभोक्ताओं को भेजे गए संदेशों में यह भी संकेत दिया गया है कि KYC अपडेट न होने की स्थिति में गैस आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इस संभावना ने आम उपभोक्ताओं में चिंता बढ़ा दी है।
गैस सिलेंडर घरेलू जरूरतों का अनिवार्य हिस्सा है। यदि KYC के कारण आपूर्ति बाधित होती है तो इसका सीधा असर रसोई और दैनिक जीवन पर पड़ेगा।
आर. के. गर्ग ने कहा कि KYC के नाम पर गैस आपूर्ति रोकना उपभोक्ताओं के लिए दंडात्मक कदम जैसा होगा, विशेषकर तब जब वैकल्पिक और सरल सुविधा उपलब्ध न हो।

रखी गई प्रमुख मांगें
प्रशासन और तेल कंपनियों के समक्ष निम्नलिखित मांगें रखी गई हैं:
KYC की पूर्णतः ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
आधार सत्यापन OTP आधारित प्रणाली से किया जाए।
70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए डोर-स्टेप KYC सेवा शुरू की जाए।
गैस आपूर्ति बाधित करने से पहले पर्याप्त समय और वैकल्पिक विकल्प प्रदान किया जाए।
गर्ग ने सुझाव दिया कि गैस एजेंसियां मोबाइल वैन या अधिकृत प्रतिनिधियों के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के घर जाकर KYC प्रक्रिया पूरी कर सकती हैं।

प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील
सेकंड इनिंग्स संस्था ने चंडीगढ़ प्रशासन से अनुरोध किया है कि वह इस मुद्दे पर संबंधित तेल कंपनियों के साथ समन्वय कर उपभोक्ताओं की सुविधा सुनिश्चित करे।
गर्ग ने कहा कि जनसुविधा को प्राथमिकता देते हुए प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और वरिष्ठ नागरिकों के अनुकूल बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि डिजिटल इंडिया के लक्ष्य को वास्तव में साकार करना है, तो नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने के बजाय घर बैठे सेवाएं उपलब्ध कराना जरूरी है।

उपभोक्ताओं की राय
शहर के कई गैस उपभोक्ताओं ने भी मांग का समर्थन किया है। उनका कहना है कि यदि गैस बुकिंग और भुगतान मोबाइल ऐप या वेबसाइट के माध्यम से संभव है, तो KYC प्रक्रिया को भी उसी प्लेटफॉर्म पर जोड़ा जाना चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल सत्यापन प्रणाली से न केवल उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी बल्कि एजेंसियों पर भी भीड़ का दबाव कम होगा और रिकॉर्ड प्रबंधन अधिक पारदर्शी होगा।

चंडीगढ़ में गैस कनेक्शन KYC प्रक्रिया को लेकर उठी यह मांग प्रशासन और तेल कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत है कि डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों की विशेष जरूरतों का भी ध्यान रखा जाए।
अब देखना होगा कि संबंधित कंपनियां और प्रशासन इस मांग पर कितनी शीघ्रता से सकारात्मक कदम उठाते हैं, ताकि आम उपभोक्ता — विशेषकर बुजुर्ग — अनावश्यक परेशानी से बच सकें।

 

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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