October 12, 2026 2:10 pm

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दिसम्बर, 2025 में हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र दौरान हाउसिंग बोर्ड कानून में संशोधन सम्बन्धी पेश विधेयक के साथ ही बोर्ड को भंग करने बारे सरकारी संकल्प भी सदन से पारित होना चाहिए था – एडवोकेट हेमंत

चंडीगढ़ – गत शुक्रवार 20 फरवरी हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के पहले ही दिन महामहिम राज्यपाल के अभिभाषण के पश्चात सदन द्वारा अन्य विधायी कार्यों के साथ साथ प्रदेश के आवासन (हाउसिंग) बोर्ड को भंग करने सम्बन्धी सरकारी संकल्प (रेसोलुशन) भी पारित किया गया.
यह संकल्प स्वयं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा सदन में पेश किया गया था चूँकि हाउसिंग फॉर आल (सर्वस्व आवास) का विभाग मुख्यमंत्री को ही आबंटित है.
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एडवोकेट और विधि-विधायी मामलों के जानकार हेमंत कुमार ने बताया कि हरियाणा आवासन बोर्ड कानून, 1971 की धारा 80(1) के अंतर्गत प्रदेश विधानसभा द्वारा सरकारी संकल्प पारित होने के बाद ही प्रदेश सरकार अधिसूचना मार्फ़त विधिवत घोषणा कर सकती है जिसमें ऐसा उल्लेख किया जाएगा कि हाउसिंग बोर्ड को किस अमुक तारीख से भंग किया जाना है.
बहरहाल, इसी बीच हेमंत ने एक रोचक परन्तु महत्वपूर्ण कानूनी पॉइंट उठाते हुए बताया कि दो महीने पूर्व दिसम्बर, 2025 में हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान हरियाणा आवासन बोर्ड कानून, 1971 की धारा 80(2) को प्रतिस्थापित ( पूर्णतया बदलने) के लिए सदन द्वारा संशोधन विधेयेक पारित किया गया था जिसमें राज्य सरकार द्वारा हाउसिंग बोर्ड को भंग करने की तारिख सम्बन्धी जारी नोटिफिकेशन होने के बाद से प्रदेश सरकार द्वारा भंग किये गये बोर्ड की संपत्ति, देनदारियों, कर्मचारियों और दायित्यों को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ( एच.एस.वी.पी.) को अथवा किसी अन्य उत्तराधिकारी निकाय को हस्तांतरित करने किये अधिकृत करने हेतु स्पष्ट प्रावधान किया गया. उक्त संशोधन से पहले ऐसे हस्तांतरण बारे कानून में इस बाबत वांछित प्रावधान नहीं था.
बहरहाल, हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पारित होने के बाद हरियाणा आवासन बोर्ड (संशोधन) विधेयक, 2025 को 12 जनवरी 2026 को प्रदेश के राज्यपाल की स्वीकृति प्राप्त हो गयी जिसके बाद इसी माह 4 फरवरी 2026 के सरकारी गजट में उपरोक्त पारित विधेयक को विधि एवं विधायी विभाग द्वारा हरियाणा आवासन बोर्ड (संशोधन) अधिनियम, 2025 ( 2026 का हरियाणा अधिनियम संख्या 12) के तौर पर प्रकाशित कर अधिसूचित कर दिया गया. हालांकि हेमंत ने बताया कि उपरोक्त संशोधन अधिनियम प्रकाशन की तारीख अर्थात 4 फरवरी 2026 से लागू नहीं हुआ चूँकि उक्त संशोधन कानून की धारा 1(2) के अनुसार यह उस तिथि से लागू होगा, जिसे राज्य सरकार, राजपत्र (गजट) में अधिसूचना द्वारा नियत (तय) करेगी.
इस सबके बीच प्रश्न उठाना स्वाभाविक है कि गत दिसम्बर, 2025 में हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र दौरान हरियाणा आवासन बोर्ड कानून, 1971 की धारा 80(2) में उपरोक्त किये गये संशोधन के साथ-साथ क्या सदन द्वारा धारा 80(1) में हाउसिंग बोर्ड को भंग करने सम्बन्धी सरकारी संकल्प भी पारित नहीं कर देना चाहिए था ? हालांकि शीतकालीन सत्र दौरान सदन में पेश हरियाणा आवासन बोर्ड (संशोधन) विधेयक, 2025 के साथ संलग्न उद्देश्यों एवं कारणों के विवरण में सरकारी संकल्प द्वारा हाउसिंग बोर्ड के भंग करने का उल्लेख मौजूद था. इससे तो ऐसा ही प्रतीत होता है कि संभवत: प्रदेश सरकार शीतकालीन सत्र दौरान हाउसिंग बोर्ड को भंग करने सम्बन्धी सदन में सरकारी संकल्प को पेश कर उसे सदन से पारित कराना भूल गई थी. जो भी हो अगर तब ऐसा किया जाता, तो हाउसिंग बोर्ड इसी वर्ष के आरम्भ में ही विधिवत रूप से भंग किया जा सकता था.

बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
Author: बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो

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