April 5, 2026 7:49 pm

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4500 साल पुरानी पोर्ट सिटी लोथल में तेज़ी से आगे बढ़ रहा समुद्री विरासत प्रोजेक्ट

रमेश गोयत

लोथल (गुजरात)/चंडीगढ़, 24 फरवरी 2026।
गुजरात की ऐतिहासिक धरती पर स्थित प्राचीन हड़प्पाकालीन नगर लोथल एक बार फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। यहां केंद्र सरकार द्वारा विकसित किया जा रहा नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्पलेक्स  तेजी से आकार ले रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य भारत की हजारों वर्ष पुरानी समुद्री विरासत को आधुनिक स्वरूप में दुनिया के सामने प्रस्तुत करना है।

 

Poऐतिहासिक पृष्ठभूमि
लोथल को सिंधु घाटी सभ्यता का प्रमुख समुद्री नगर माना जाता है। पुरातत्वविदों के अनुसार, लगभग 2400 ईसा पूर्व यह नगर समुद्री व्यापार का बड़ा केंद्र था। यहां मिला आयताकार बेसिन विश्व के सबसे प्राचीन डॉकयार्ड में से एक माना जाता है, जो उस समय की उन्नत जहाजरानी तकनीक और व्यापारिक समृद्धि का प्रमाण है।
लोथल की नगर संरचना अत्यंत सुनियोजित थी—सड़कें एक-दूसरे को समकोण पर काटती थीं और उन्नत जल निकासी प्रणाली मौजूद थी। यह प्राचीन भारतीय इंजीनियरिंग और शहरी नियोजन का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है।

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क्या है नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्पलेक्स?
लोथल में विकसित हो रहा NMHC एक विशाल परिसर होगा, जिसमें—
आधुनिक समुद्री संग्रहालय
प्राचीन जहाजरानी और व्यापार मार्गों पर आधारित गैलरियां
डिजिटल एवं इंटरएक्टिव प्रदर्शनी
शोध एवं प्रशिक्षण केंद्र

आगंतुक सुविधाएं और पर्यटन अवसंरचना
परियोजना का उद्देश्य केवल अवशेषों का संरक्षण नहीं, बल्कि भारत की समुद्री शक्ति, जहाज निर्माण कला और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक संबंधों की कहानी को जीवंत रूप में प्रस्तुत करना है।

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अंतरराष्ट्रीय सहयोग
परियोजना को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने के लिए भारत और नीदरलैंड के बीच सहयोग समझौता भी हुआ है। इस साझेदारी के तहत संग्रहालय डिजाइन, संरक्षण तकनीक और प्रदर्शनी प्रस्तुति में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञता का लाभ लिया जाएगा। इससे लोथल को विश्वस्तरीय सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।

पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि NMHC के पूर्ण होने के बाद लोथल देश-विदेश के पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण बनेगा। इससे न केवल गुजरात के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
सरकार की योजना है कि इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से विकसित कर आने वाले वर्षों में इसे वैश्विक समुद्री विरासत केंद्र के रूप में स्थापित किया जाए।
लोथल की प्राचीन विरासत अब आधुनिक संरचना के साथ नए युग में प्रवेश कर रही है। नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्पलेक्स के माध्यम से भारत अपनी समुद्री परंपरा और ऐतिहासिक उपलब्धियों को विश्व मंच पर प्रस्तुत करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। आने वाले समय में लोथल इतिहास, संस्कृति और पर्यटन का महत्वपूर्ण संगम बनकर उभरेगा।

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Author: BabuGiri Hindi

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