रमेश गोयत
अहमदाबाद: “खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का सबसे प्रभावी साधन हैं।” यह कहना है गुजरात के उपमुख्यमंत्री Harsh Sanghavi का। एक विशेष बातचीत में उन्होंने बताया कि गुजरात 2036 ओलंपिक लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए खेल अवसंरचना, पारदर्शी शासन और प्रतिभा विकास पर व्यापक स्तर पर काम कर रहा है।
2036 ओलंपिक: राष्ट्रीय संकल्प, गुजरात की अग्रणी भूमिका
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के विजन के अनुरूप भारत को 2036 ओलंपिक में शीर्ष दस देशों में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री Bhupendra Patel के नेतृत्व में गुजरात इस राष्ट्रीय संकल्प को जमीनी स्तर पर उतारने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने बताया कि अहमदाबाद और गांधीनगर को वैश्विक खेल आयोजनों के लिए तैयार किया जा रहा है। शहरों में आधुनिक स्टेडियम, प्रशिक्षण केंद्र और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर
Sardar Vallabhbhai Patel Sports Enclave और उसमें स्थित Narendra Modi Stadium का जिक्र करते हुए संघवी ने कहा कि यह परिसर केवल क्रिकेट तक सीमित नहीं है, बल्कि बहु-खेल गतिविधियों के लिए विकसित किया जा रहा है।
इसी तरह, Gujarat Police Academy में एथलेटिक्स स्टेडियम, बहुउद्देश्यीय एरिना और शूटिंग रेंज जैसी ओलंपिक-स्तरीय सुविधाएं तैयार की गई हैं।
वहीं Naranpura Sports Complex आगामी राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा, जो 2026 ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों के लिए क्वालीफाइंग इवेंट होगा।
खेल शासन में सुधार और पारदर्शिता
हर्ष संघवी ने बताया कि राष्ट्रीय खेल शासन विधेयक 2025 के तहत खेल प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है। यह पहल International Olympic Committee और FIFA जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के सहयोग से तैयार की गई है।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को निर्णय प्रक्रिया में प्रतिनिधित्व दिया जाएगा और प्रदर्शन आधारित अनुदान प्रणाली लागू की जाएगी।

जमीनी स्तर पर प्रतिभा संवर्धन
राज्य में 1,000 से अधिक खेलो इंडिया केंद्र, उत्कृष्टता केंद्र और टैलेंट आइडेंटिफिकेशन कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) के तहत हजारों खिलाड़ियों को वित्तीय सहायता दी जा रही है।
संघवी ने कहा, “हम केवल आयोजन नहीं करना चाहते, बल्कि ऐसी खेल संस्कृति विकसित करना चाहते हैं जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करे।”
2029 और 2030 की बड़ी तैयारियां
गुजरात 2029 वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स की मेजबानी की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा 2030 राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन के लिए भी अहमदाबाद और गांधीनगर को प्रस्तावित किया गया है।
उपमुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सतत विकास, हरित अवसंरचना और खेल विज्ञान आधारित प्रशिक्षण मॉडल के जरिए गुजरात वैश्विक खेल मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।
“हर खेल मैदान, हर प्रशिक्षित खिलाड़ी और हर सुधार—सशक्त गुजरात और सशक्त भारत की दिशा में एक कदम है।” – हर्ष संघवी











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