April 8, 2026 5:37 pm

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Indian Oil Corporation की गुजरात रिफाइनरी में 100 वर्ष पुराने बरगद वृक्ष का पुनर्स्थापन

विरासत संरक्षण और पर्यावरणीय प्रतिबद्धता की मिसाल

रमेश गोयत

वडोदरा/चंडीगढ़। देश की अग्रणी ऊर्जा कंपनी Indian Oil Corporation (इंडियन ऑयल) की Gujarat Refinery ने लगभग 100 वर्ष पुराने ऐतिहासिक बरगद (बनयान) वृक्ष का सफलतापूर्वक पुनर्स्थापन कर पर्यावरण संरक्षण और विरासत संवर्धन की दिशा में एक सराहनीय कदम उठाया है। यह पहल केवल एक पेड़ को बचाने का प्रयास नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और सतत विकास के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

वडोदरा की पहचान से जुड़ा है बरगद का वृक्ष
वडोदरा का नाम संस्कृत शब्द “वटोदरा” से बना है, जिसका अर्थ है — ‘बरगद के वृक्ष के हृदय में बसा स्थान’। बरगद का पेड़ इस शहर की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का अभिन्न हिस्सा रहा है।
इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए गुजरात रिफाइनरी परिसर में स्थित यह शताब्दी पुराना बरगद वृक्ष वर्षों से विकास, स्थायित्व और जीवन के प्रतीक के रूप में खड़ा था। रिफाइनरी का मूल मंत्र — “Growth is the Essence of Life” — भी इसी वृक्ष की भांति निरंतर विकास और विस्तार का संदेश देता है।

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ऐतिहासिक धरोहर से जुड़ा रहा यह वृक्ष
यह विशाल बरगद वृक्ष इंडो-सोवियत मेमोरियल स्टार स्थल के इतिहास से गहराई से जुड़ा रहा है। वर्षों से यह स्थल भारत और सोवियत संघ के सहयोग की स्मृति का प्रतीक रहा है। ऐसे में इस वृक्ष का संरक्षण केवल पर्यावरणीय नहीं, बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण था।
रिफाइनरी प्रशासन ने आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञों की मदद से इस वृक्ष को सावधानीपूर्वक स्थानांतरित कर रिफाइनरी टाउनशिप में पुनः स्थापित किया, ताकि इसकी जड़ें सुरक्षित रहें और आने वाली पीढ़ियां भी इसकी छाया का अनुभव कर सकें।
तकनीकी दक्षता और पर्यावरणीय संवेदनशीलता का संगम
100 वर्ष पुराने विशाल वृक्ष का पुनर्स्थापन अत्यंत जटिल और संवेदनशील प्रक्रिया होती है। इसके लिए:
जड़ों की वैज्ञानिक कटाई और संरक्षण
विशेष हाइड्रोलिक उपकरणों का उपयोग
मिट्टी और पोषण संतुलन का ध्यान
पुनर्स्थापन के बाद नियमित निगरानी
जैसे चरणों का पालन किया गया। यह पूरी प्रक्रिया पर्यावरण विशेषज्ञों की देखरेख में संपन्न हुई।
हरित भविष्य की दिशा में मजबूत कदम
गुजरात रिफाइनरी द्वारा इस विरासत वृक्ष का संरक्षण यह दर्शाता है कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं। यह पहल कंपनी की सतत विकास (Sustainability) नीति और हरित भविष्य के संकल्प को भी रेखांकित करती है।
इंडियन ऑयल पहले से ही कार्बन उत्सर्जन में कमी, वृक्षारोपण अभियान और हरित ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के प्रयास कर रहा है।

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संदेश: विकास के साथ विरासत का सम्मान
गुजरात रिफाइनरी में 100 वर्ष पुराने बरगद वृक्ष का पुनर्स्थापन एक प्रेरक उदाहरण है कि किस प्रकार आधुनिक औद्योगिक संस्थान अपनी ऐतिहासिक जड़ों और प्राकृतिक धरोहर को संजोते हुए आगे बढ़ सकते हैं।
यह पहल न केवल वडोदरा की सांस्कृतिक पहचान को सहेजती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश भी देती है।

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Author: BabuGiri Hindi

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