बीजेपी से संजय भाटिया, कांग्रेस से कर्मवीर सिंह बोध और निर्दलीय सतीश नांदल ने भरा नामांकन; विधानसभा के वोट गणित पर टिकी सबकी नजर
चंडीगढ़: हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव ने दिलचस्प मोड़ ले लिया है। अब तक दो सीटों के लिए दो प्रमुख उम्मीदवारों के बीच मुकाबले की संभावना थी, लेकिन अब तीसरे उम्मीदवार के मैदान में उतरने से सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी की ओर से Sanjay Bhatia, कांग्रेस की ओर से Karmveer Singh Bodh और निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर Satish Nandal ने नामांकन दाखिल किया है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर सतीश नांदल की एंट्री ने चुनाव को रोचक बना दिया है। हालांकि मौजूदा विधानसभा गणित के हिसाब से बीजेपी और कांग्रेस दोनों के एक-एक सीट जीतने की संभावना मजबूत बताई जा रही है।
निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर सतीश नांदल का नामांकन
रोहतक जिले के किलोई गांव के रहने वाले सतीश नांदल ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर राज्यसभा सीट के लिए नामांकन दाखिल किया है। किलोई गांव हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Bhupinder Singh Hooda के निर्वाचन क्षेत्र में आता है।
सतीश नांदल पहले Indian National Lok Dal से जुड़े रहे थे, लेकिन वर्ष 2019 में उन्होंने पार्टी छोड़कर Bharatiya Janata Party का दामन थाम लिया था। बताया जा रहा है कि पिछले एक सप्ताह से वे चंडीगढ़ में विभिन्न नेताओं से मुलाकात कर रहे थे। सूत्रों के अनुसार नामांकन के दिन सुबह उनकी मुलाकात हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini से भी हुई।
क्या फिर दोहराया जाएगा राज्यसभा चुनाव का इतिहास?
हरियाणा में राज्यसभा चुनाव पहले भी कई बार अप्रत्याशित नतीजों के कारण चर्चा में रहे हैं। वर्ष 2016 में मीडिया कारोबारी Subhash Chandra ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था। उस समय कांग्रेस के उम्मीदवार R. K. Anand को कांग्रेस और आईएनएलडी दोनों का समर्थन था, लेकिन इसके बावजूद सुभाष चंद्रा जीतने में सफल रहे थे।
इसी तरह वर्ष 2022 में उद्योगपति Kartikeya Sharma ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ते हुए कांग्रेस के उम्मीदवार Ajay Maken को पराजित कर दिया था। उस चुनाव में कांग्रेस का एक वोट अमान्य हो गया था, जिससे चुनाव का परिणाम पूरी तरह बदल गया था।
हरियाणा विधानसभा में वोटों का गणित
हरियाणा विधानसभा में कुल 90 विधायक हैं और राज्यसभा चुनाव में प्रत्येक विधायक के वोट का मूल्य 100 अंक होता है।
कुल वोट वेल्यू: 90 × 100 = 9000 अंक
जीत के लिए आवश्यक कोटा (Single Transferable Vote सिस्टम):
(9000 ÷ 3) + 1 = 3001 अंक
यानी किसी उम्मीदवार को जीतने के लिए कम से कम 31 विधायकों (3100 अंक) का समर्थन जरूरी है।
हरियाणा विधानसभा की मौजूदा स्थिति
पार्टी
विधायक
वोट वेल्यू
BJP
48
4800
निर्दलीय (BJP समर्थित)
3
300
BJP+IND कुल
51
5100
कांग्रेस
37
3700
INLD
2
200
संभावित परिणाम और सियासी समीकरण
विधानसभा के मौजूदा गणित के अनुसार बीजेपी के पास 51 विधायक हैं, जिनका कुल वोट मूल्य 5100 है। यह आंकड़ा जीत के लिए जरूरी 3001 से काफी अधिक है, इसलिए बीजेपी की एक सीट लगभग तय मानी जा रही है।
वहीं कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं, जिनका वोट मूल्य 3700 है, जो जीत के कोटा से अधिक है। इस आधार पर कांग्रेस की भी एक सीट जीतने की संभावना मजबूत दिखाई दे रही है।
हालांकि तीसरे उम्मीदवार के मैदान में उतरने से राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि क्रॉस वोटिंग होती है या किसी पार्टी के वोट अमान्य हो जाते हैं, तो चुनाव का समीकरण बदल सकता है और परिणाम अप्रत्याशित भी हो सकते हैं।











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