April 6, 2026 3:16 am

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चंडीगढ़ बना पूर्ण साक्षर केंद्र शासित प्रदेश, साक्षरता दर 99.93 प्रतिशत पहुंची

राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया बोले— शिक्षा से ही बनेगा विकसित भारत, नव-साक्षरों को किया सम्मानित
चंडीगढ़:  शिक्षा के क्षेत्र में चंडीगढ़ ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 99.93 प्रतिशत साक्षरता दर प्राप्त कर ली है। इसके साथ ही चंडीगढ़ अब आधिकारिक रूप से पूर्ण साक्षर केंद्र शासित प्रदेश बन गया है। इस उपलब्धि को लेकर चंडीगढ़ प्रशासन के शिक्षा विभाग की ओर से “उल्लास – नव साक्षरों का अलंकरण समारोह” आयोजित किया गया, जिसमें हाल ही में साक्षर बने नागरिकों को सम्मानित किया गया और उनके प्रयासों की सराहना की गई।
कार्यक्रम में Gulab Chand Kataria, जो वर्तमान में चंडीगढ़ के प्रशासक और पंजाब के राज्यपाल हैं, मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं H. Rajesh Prasad, मुख्य सचिव यूटी चंडीगढ़, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह के दौरान नव-साक्षर नागरिकों को प्रमाण पत्र और सम्मान देकर उनके आत्मविश्वास और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।


राष्ट्रीय शिक्षा नीति से भी आगे पहुंचा चंडीगढ़
अपने संबोधन में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने इस उपलब्धि को चंडीगढ़ के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि “उल्लास” अभियान के तहत प्राप्त यह सफलता शहर को National Education Policy 2020 द्वारा तय किए गए 95 प्रतिशत साक्षरता के मानक से भी आगे ले गई है।
उन्होंने बताया कि इस उपलब्धि के साथ चंडीगढ़ देश का छठा राज्य या केंद्र शासित प्रदेश बन गया है, जिसने पूर्ण साक्षरता का दर्जा हासिल किया है। साथ ही यह देश का दूसरा केंद्र शासित प्रदेश भी है, जहां साक्षरता लगभग शत-प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।


हजारों नागरिक बने साक्षर
राज्यपाल ने बताया कि पहले चंडीगढ़ की साक्षरता दर 93.7 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 99.93 प्रतिशत हो गई है। इस अभियान के तहत कुल 15,556 नागरिकों ने भाग लिया, जिनमें से 14,711 लोगों ने साक्षरता मूल्यांकन सफलतापूर्वक पास किया।
उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं की साक्षरता दर में आई वृद्धि को उल्लेखनीय बताया। महिलाओं की साक्षरता दर पहले 90.7 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 99.89 प्रतिशत हो गई है। इसे उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक प्रगति की दिशा में बड़ा कदम बताया।


सामूहिक प्रयासों से मिली सफलता
कटारिया ने इस उपलब्धि का श्रेय चंडीगढ़ प्रशासन, शिक्षा विभाग, शिक्षकों, स्वयंसेवकों, गैर-सरकारी संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि इन सभी ने मिलकर निरक्षर नागरिकों तक पहुंचने और उन्हें शिक्षा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने नव-साक्षरों को बधाई देते हुए कहा कि इस अभियान के माध्यम से उन्हें न केवल पढ़ना-लिखना सीखने का अवसर मिला, बल्कि डिजिटल साक्षरता भी प्राप्त हुई, जो आज के दौर में बेहद जरूरी है।


विकसित भारत के लिए शिक्षा जरूरी
राज्यपाल ने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ना-लिखना सीखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवनभर सीखने की प्रक्रिया की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि देश को Viksit Bharat 2047 के लक्ष्य तक पहुंचाने में शिक्षा की अहम भूमिका है।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे लगातार सीखते रहें और ज्ञान आधारित, प्रगतिशील और जागरूक समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।


ये अधिकारी भी रहे मौजूद
समारोह में शिक्षा विभाग और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इनमें Prerna Puri (सचिव शिक्षा), Nitesh Singla (निदेशक स्कूल शिक्षा) तथा Surender Singh Dahiya (निदेशक, एससीईआरटी यूटी चंडीगढ़) प्रमुख रूप से शामिल थे।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नव-साक्षर नागरिक, शिक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लेकर इस ऐतिहासिक उपलब्धि का जश्न मनाया।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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