June 26, 2026 8:38 am

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IDFC फर्स्ट बैंक घोटाला: बैंक घोटाले की जांच तेज, ED ने भी की एंट्री, CBI की राडार पर कई IAS, हरियाणा अफसरशाही में हड़कंप

CBI की नजर तीन IAS अधिकारियों पर, कई अधिकारियों से पूछताछ जारी; IDFC फर्स्ट बैंक मामले में बढ़ा जांच का दायरा
बाबूगिरी हिंदी ब्यूरो
चंडीगढ़, 25 जून: IDFC फर्स्ट बैंक घोटाले की जांच में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की लगातार कार्रवाई से हरियाणा की अफसरशाही में हलचल तेज हो गई है। मामले में अब तक दो अधिकारियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि जांच एजेंसी की नजर तीन और अधिकारियों पर है। आने वाले दिनों में कुछ और अधिकारियों से पूछताछ और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
बैंक घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने अब मामले से जुड़े सरकारी विभागों, बैंक अधिकारियों और अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका की पड़ताल शुरू कर दी है। हरियाणा सरकार की ओर से सीबीआई को आठ अधिकारियों से पूछताछ की अनुमति दी गई थी। इसके बाद जांच एजेंसी ने कई अधिकारियों से पूछताछ कर दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जांच की।
जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि सरकारी धन से जुड़े बैंक खातों, निवेश प्रक्रिया और वित्तीय फैसलों में कहीं नियमों की अनदेखी तो नहीं हुई। सीबीआई की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है।
कई विभागों के अधिकारी जांच के घेरे में
सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPGCL) में तैनात एक अधिकारी की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है। सीबीआई संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड के आधार पर अधिकारियों से पूछताछ कर रही है।
एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि बैंकिंग प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी किस स्तर पर हुई और इसमें किन लोगों की भूमिका रही। जांच में बैंक अधिकारियों, सरकारी कर्मचारियों और निजी लोगों के बीच संभावित संपर्कों को भी खंगाला जा रहा है।

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री से मिलकर रखा था पक्ष
मामले में पूछताछ का सामना कर रहे कुछ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा था। अधिकारियों ने वित्त विभाग की गाइडलाइन, बैंक खाता खोलने की प्रक्रिया और फैसले लेने की परिस्थितियों की जानकारी दी थी।
हालांकि सीबीआई ने जांच जारी रखते हुए कार्रवाई आगे बढ़ाई है। जांच एजेंसी का फोकस अब उन सभी कड़ियों को जोड़ने पर है, जिनसे कथित बैंक घोटाले का पूरा नेटवर्क सामने आ सके।
मामले में आगे की कार्रवाई सीबीआई की जांच और सामने आने वाले सबूतों के आधार पर होगी।

CBI-ED की जांच तेज, डेटा एंट्री ऑपरेटर गिरफ्तार; कई अधिकारी रडार पर

हरियाणा में IDFC फर्स्ट बैंक घोटाले की जांच अब तेजी से आगे बढ़ रही है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद मामले में कई नए खुलासे सामने आ रहे हैं। जांच एजेंसियां सरकारी विभागों, बैंक अधिकारियों और निजी व्यक्तियों के बीच कथित गठजोड़ की पड़ताल कर रही हैं।
सीबीआई ने इस मामले में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) में तैनात डेटा एंट्री ऑपरेटर सौरभ शर्मा को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी के अनुसार सौरभ शर्मा की भूमिका बैंक घोटाले में अहम बताई जा रही है। आरोप है कि वह बैंक अधिकारियों और अन्य आरोपियों के संपर्क में था तथा कथित रूप से गोपनीय जानकारी साझा करने और बैंकिंग प्रक्रियाओं में मदद करने में शामिल रहा।

169 करोड़ रुपये के गबन की जांच
सीबीआई की जांच में बैंक रिकॉर्ड, डिजिटल दस्तावेज, लेनदेन की जानकारी, ऑडिट रिपोर्ट और संबंधित लोगों के बयान खंगाले जा रहे हैं। एजेंसी को शक है कि सुनियोजित तरीके से बैंकिंग प्रक्रिया का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये की रकम को इधर-उधर किया गया।
जांच का दायरा अब बैंक अधिकारियों से आगे बढ़कर सरकारी विभागों में तैनात कर्मचारियों और अन्य संदिग्ध लोगों तक पहुंच गया है। एजेंसी कई अधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

अंबाला जेल में ED की पूछताछ

इसी मामले से जुड़े बड़े वित्तीय घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अंबाला सेंट्रल जेल पहुंचकर छह आरोपियों से पूछताछ की। ED अधिकारियों ने करीब आठ घंटे तक आरोपियों से सवाल-जवाब किए।
पूछताछ में बैंक खातों, फर्जी दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और कथित लेनदेन से जुड़े सवाल पूछे गए। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित तौर पर रकम का ट्रांसफर किन माध्यमों से हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

अधिकारी भी जांच के घेरे में
जांच एजेंसियों की कार्रवाई से कई विभागों में तैनात अधिकारियों में चिंता बढ़ गई है। सीबीआई यह जांच कर रही है कि सरकारी निवेश, बैंक खाते खोलने की प्रक्रिया और वित्तीय फैसलों में कहीं नियमों की अनदेखी तो नहीं हुई।
सूत्रों के अनुसार जांच अब उस नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जिसके जरिए कथित तौर पर बैंकिंग सिस्टम का गलत इस्तेमाल किया गया।
मामले में आगे की कार्रवाई सीबीआई और ED की जांच रिपोर्ट तथा पूछताछ के आधार पर होगी।

RAMESH GOYAT
Author: RAMESH GOYAT

With over 20 years of experience in Hindi journalism, Ramesh Goyat has served as District Bureau Chief in Kaithal and worked with the Haryana , Punjab , HP and UT Bureau in Chandigarh. Coming from a freedom fighter family, he is known for his fast, accurate, and credible reporting. Through Babugiri Hindi, he aims to deliver impartial and fact-based news to readers.

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