April 5, 2026 1:16 pm

April 5, 2026 1:16 pm

CJI सूर्यकांत का हरियाणा दौरा: पैतृक गांव पेटवाड़ पहुंचेंगे, एलुमनी मीट में होंगे शामिल

हिसार | 10 जनवरी: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत के हरियाणा दौरे का आज दूसरा दिन है। शनिवार को सीजेआई अपने पैतृक गांव पेटवाड़ (हांसी) पहुंचेंगे। यहां गांव के खेल स्टेडियम में उनके सम्मान में एक भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके साथ ही वह अपने गांव के स्कूल का भी दौरा करेंगे।

पुराने कॉलेज में एलुमनी मीट, बतौर चीफ गेस्ट होंगे शामिल

सीजेआई सूर्यकांत हांसी स्थित अपने पुराने शिक्षण संस्थान गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय में आयोजित एलुमनी मीट में भी बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। इस दौरान वे विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों से संवाद करेंगे तथा अपने अनुभव साझा करेंगे।

हिसार पहुंचने पर भव्य स्वागत, अधिवक्ताओं को दिया प्रेरणादायक संबोधन
शुक्रवार को हिसार पहुंचने पर मुख्य न्यायाधीश का बैंड-बाजों के साथ जोरदार स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अधिवक्ताओं को भावुक और प्रेरणादायक संबोधन दिया।
सीजेआई ने कहा, “मैंने अपनी पहली फिल्म हांसी में देखी थी। मेरे पिता मुझे साइकिल पर सिनेमाघर ले जाया करते थे। मैंने भी एक छोटे वकील के तौर पर ही अपने करियर की शुरुआत की थी और आज भी मैं खुद को हिसार के वकीलों के बीच ही महसूस करता हूं। वकील मेरे लिए परिवार जैसे हैं।”

हांसी के लोगों की मांग हुई पूरी”
मुख्य न्यायाधीश ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा, “मैं एक अनजान लड़का था, हिसार से दो जोड़ी कपड़े लेकर चंडीगढ़ चला गया। वहां जमकर प्रैक्टिस की और वरिष्ठ वकीलों से बहुत कुछ सीखने को मिला। आज भारत की न्यायपालिका दुनिया में सर्वोच्च स्थान पर है और कई देश हमारे साथ एमओयू कर रहे हैं। हांसी के लोगों की वर्षों पुरानी मांग अब पूरी हो चुकी है।”

माता-पिता से मिली न्याय के रास्ते पर चलने की प्रेरणा
हिसार बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में सीजेआई सूर्यकांत ने बताया कि उन्होंने 21 अप्रैल 1984 को हिसार कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता आत्माराम बंसल के साथ अपनी वकालत शुरू की थी।
उन्होंने कहा, “मेरे माता-पिता ने हमेशा मुझे न्याय के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। मेरी मां कहा करती थीं कि जज बनो और दिल से न्याय करो।”

हाईकोर्ट बेंच की मांग उठी
कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ताओं ने हिसार में हाईकोर्ट की अलग बेंच और अन्य न्यायिक फोरम स्थापित किए जाने की मांग भी रखी। सीजेआई ने अधिवक्ताओं की भावनाओं को गंभीरता से सुना।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

बाबूगिरी हिंदी

virender chahal

Our Visitor

2 9 1 1 4 6
Total Users : 291146
Total views : 493328

शहर चुनें