रेन बसेरा की व्यवस्था राम भरोसे
एसडीओ व जेई ने भी नही उठाया मोबाइल
चंडीगढ़। शहर में ठंड के बीच जरूरतमंदों के लिए बनाए गए रैन बसेरों की व्यवस्थाओं की हकीकत शनिवार देर रात सामने आ गई, जब चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी ने पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआई) के सामने स्थित रैन बसेरे का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई गंभीर खामियां पाई गईं।

फर्स्ट एड बॉक्स और हीटर गायब
निरीक्षण में पाया गया कि रैन बसेरे में न तो फर्स्ट एड बॉक्स उपलब्ध था और न ही हीटर चल रहे थे। ठंड के मौसम में हीटर बंद होना बड़ी लापरवाही मानी जा रही है। इसके अलावा परिसर में सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं थी। पीने के पानी की भी उचित व्यवस्था नहीं मिली।


सुपरवाइजर ड्यूटी से नदारद
रैन बसेरे में चार सुरक्षा कर्मी मौजूद थे, लेकिन सुपरवाइजर ड्यूटी पर नहीं मिला। मौके पर मौजूद स्टाफ ने बताया कि उसे नौकरी से निकाल दिया गया है। शिकायत के लिए जो एसडीओ का नंबर दिया गया था, वह बंद मिला। वहीं संबंधित जेई ने पहले फोन नहीं उठाया, बाद में कॉल बैक आने पर उन्हें मौके की सभी खामियों से अवगत कराया गया।

मेयर ने किया फेसबुक लाइव
मेयर सौरभ जोशी ने निरीक्षण के दौरान फेसबुक लाइव कर व्यवस्थाओं की पोल खोली और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जरूरतमंदों के लिए बनाए गए रैन बसेरों में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तुरंत व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि यदि दोबारा ऐसी शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन पर उठे सवाल
रैन बसेरे की इस स्थिति ने नगर निगम और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शहर में चल रहे रैन बसेरों की नियमित मॉनिटरिंग और जिम्मेदारी तय करने की मांग अब तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि मेयर अन्य रैन बसेरों का भी औचक निरीक्षण कर सकते हैं, ताकि जरूरतमंदों को मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें।












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