April 6, 2026 5:00 am

April 6, 2026 5:00 am

अम्बाला-चंडीगढ़ रेलमार्ग पर तीसरी-चौथी रेललाइन को मिली एफएलएस स्वीकृति, ऊर्जा मंत्री अनिल विज के प्रयास रंग लाए

रमेश गोयत

चंडीगढ़, 03 मार्च। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज के प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है। अम्बाला-चंडीगढ़ रेलमार्ग पर तीसरी और चौथी रेललाइन निर्माण के लिए “फाइनल लोकेशन सर्वे” (FLS) को मंजूरी मिल गई है। इस स्वीकृति के साथ ही अब सर्वे का कार्य जल्द शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है, जिससे लाखों यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि उन्हें पत्र के माध्यम से रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा एफएलएस की स्वीकृति की जानकारी मिली है। उन्होंने इसके लिए रेल मंत्री का आभार जताते हुए कहा कि यह निर्णय होली के अवसर पर क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी सौगात है।

यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ
गौरतलब है कि अम्बाला-चंडीगढ़ रेलमार्ग इस समय केवल दो रेल लाइनों पर संचालित हो रहा है, जबकि यह मार्ग हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ के लाखों यात्रियों के लिए प्रमुख कनेक्टिविटी लाइन है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में कर्मचारी, विद्यार्थी, व्यापारी और श्रमिक इस मार्ग से आवागमन करते हैं। यात्री दबाव के कारण ट्रेनों में भीड़ और समयबद्धता की समस्या बनी रहती है।
अनिल विज ने कहा कि तीसरी और चौथी रेललाइन बनने से न केवल ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी, बल्कि यात्रियों को किफायती, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा। इससे सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सर्वे कार्य शीघ्र पूरा कर आगे की औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी, ताकि परियोजना धरातल पर उतर सके।

एलीवेटिड हाईवे से सफर होगा आसान
रेल परियोजना के साथ-साथ सड़क कनेक्टिविटी को लेकर भी बड़ी पहल की गई है। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि डेराबस्सी से जीरकपुर बाईपास तक लगभग 10 किलोमीटर लंबा एलीवेटिड (जमीन से ऊंचा) रोड बनाया जाएगा। यह सड़क निर्माणाधीन अम्बाला-मोहाली हाईवे से शुरू होकर सीधे जीरकपुर बाईपास से जुड़ेगी, जिससे अम्बाला से आने वाले वाहन बिना रुकावट चंडीमंदिर, कालका और शिमला की ओर जा सकेंगे।
करीब 1464 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट डेराबस्सी के रज्जो माजरा से शुरू होकर जीरकपुर बाईपास तक जाएगा। इससे वाहन चालकों के समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
इस परियोजना के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से की गई सिफारिश पर सकारात्मक प्रगति होने पर अनिल विज ने उनका भी आभार व्यक्त किया।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
अम्बाला छावनी एक प्रमुख सैन्य और औद्योगिक केंद्र है, जबकि चंडीगढ़ प्रशासनिक राजधानी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दोनों शहरों के बीच बेहतर रेल और सड़क कनेक्टिविटी से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापार, उद्योग और पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार क्षेत्र की आधारभूत संरचना को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत है और यह स्वीकृति उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

BabuGiri Hindi
Author: BabuGiri Hindi

बाबूगिरी हिंदी

virender chahal

Our Visitor

2 9 1 3 4 6
Total Users : 291346
Total views : 493642

शहर चुनें